भले ही आप दिल्ली के विधानसभा चुनाव न जीत पाये पर ये तो सत्य है कि दिल्लीवालों का दिल तो इसी पार्टी ने जीता है।
आप ने ही तो बदली है हम सबकी सोच इसी ने ही तो सिखाया है हमें अपने हक़ के लिए लड़ना। क्या होनी चाहिए हमारी मांगे और कैसे करवा सकते है हम उन्हें पूरा।
अगर हिम्मत हो खुद में तो जरुरत नहीं तलवारों कि , दिल्ली में गुंडागर्दी फ़ैलाने वालों कि जरुरत नहीं जरुरत है तो प्यार फ़ैलाने वालो की।
मिलकर भगाना है इस महंगाई, भ्रष्टाचार,असुरक्षा जैसे शब्दों को , क्योंकि अब आप खुद ही बदल सकते है अपने भारत को।
ना आ पाये अगर आप सत्ता में इस बात का गम मत करो , तुम खुद क्या कर सकते हो देश क लिए इस बात पर गौर करो।
सत्ता में पार्टी का आना जाना तो लगा ही रहेगा , पर ये देश तो नौजवानों तुम्हारी सोच और हिम्मत से ही बदलेगा।
उम्मीद है कि बीजेपी के आने से भी दिल्ली में बदलाव हो, जनता का जो विश्वास है इन पर उसे बनाये रखने में ये कामयाब हो।
प्रियंका माहना
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